दिन के कारोबार के लिए एक परिचय

रणनीति कैसे लागू करें

रणनीति कैसे लागू करें
दुर्लभ घटनाक्रम में शी जिनपिंग के खिलाफ भी रणनीति कैसे लागू करें नारेबाजी
चीन इस वक्त दुनिया की एकमात्र प्रमुख बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो जीरो कोविड रणनीति को सख्ती से लागू कर रही है. कोरोना संक्रमण के मामले सामने आते ही इलाके में तुरंत लॉकडाउन लगा दिया जाता है, क्वारंटाइन की लंबी अवधि है और व्यापक स्तर पर कोरोना परीक्षण शुरू कर दिए जाते हैं. ऐसे में सख्त लॉकडाउन के खिलाफ लोगों का गुस्सा मुखर होने लगा था, जिसे भड़काने का काम किया उरुमकी के अग्निकांड ने. चीन के सोशल मीडिया पर शेयर किए गए विरोध प्रदर्शन के वीडियो में आंदोलनकारियों को 'शी जिनपिंग सत्ता छोड़ो' जैसे नारे लगाते भी सुना जा सकता है. चीन में सत्ता प्रतिष्ठान के लिए इस तरह का विरोध-प्रदर्शन बेहद असामान्य घटना है. हालांकि प्रशासन ने सोशल मीडिया पर विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी खबरों को हटा दिया है.

टिप्स: सही लक्ष्य पर फोकस करने के लिए आप यह तरीके अपना सकते हैं

1) कंपनी के विज़न-अनुसार अपना लक्ष्य तय करें
अगर आप एक कर्मचारी हैं, तो अपने बॉस से यह पूछें कि इस साल का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य क्या होना चाहिए। अगर आप किसी कंपनी के लीडर हैं, तो रणनीति कैसे लागू करें आने वाले कुछ सालों की रणनीति तय करें। उदाहरण के तौर पर अगर अगले तीन साल तक के लिए आपका मुख्य उद्देश्य या मुख्य लक्ष्य केवल व्यवसाय की सेल्स को बढ़ाने का है तो आपको इस साल से ही तैयारी शुरू करनी होगी।

2) दूरदृष्टि रखें, ‘गोल टाइमलाइन’ बनाएं
अपने तय किए हुए लक्ष्य को हासिल के लिए दूरदृष्टि रखना चाहते हैं, तो क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर में चीजें तय करते चले जाएं। लॉन्ग-टर्म प्लान के बारे में भी विचार करें। साथ ही यह भी विचार करें कि इस प्लान को लागू करने के लिए आपको किन चीजों को बदलना पड़ सकता है रणनीति कैसे लागू करें और किन चीजों को लागू करना पड़ सकता है। इस तरह से एक ‘गोल टाइमलाइन’ तैयार करें।

China’s Zero-Covid Policy चीनियों के दिलों में लगी 'आग' ने कैसे भड़काई Jinping के खिलाफ 'विद्रोह की चिंगारी'

China

चीन (China) के शिनजियांग प्रांत के शहर उरुमकी में 10 लोगों की जान लेने वाली घातक आग ने 'कोविड लॉकडाउन खत्म करो' (Zero Covid Policy) उद्घोष के साथ पहले स्थानीय लोगों के दिलों में कड़े कोरोना प्रतिबंधों (Corona Lockdown) के खिलाफ लगी 'आग' को भड़काया. फिर विरोध-प्रदर्शन (Protests) की इस 'आग' का सिलसिला शिनजियांग प्रांत के अन्य शहरों में फैला, जिसने अब बीजिंग, शंघाई, जियान, ग्वांगझू, वुहान समेत कई शहरों को अपनी चपेट में ले लिया है. यह 'आग' हर गुजरते दिन के साथ चीन के अन्य शहरों में छोटे या बड़े स्तर पर फैल रही है. रविवार को बीजिंग में भी भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विरोध प्रदर्शन किया गया. आलम यह है कि विरोध प्रदर्शन का यह सिलसिला प्रतिष्ठित सिंघुआ और पीकिंग यूनिवर्सिटी तक जा पहुंचा है, जहां छात्रों ने दीवारों पर नारे उकेर शी जिनपिंग (Xi Jinping) के प्रति तीखे विरोध को दर्शाया है. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए विरोध प्रदर्शन के वीडियो में आंदोलनकारियों को 'शी जिनपिंग सत्ता छोड़ो' जैसे नारे लगाते भी सुना जा सकता है. चीन में सत्ता प्रतिष्ठान के लिए इस तरह का विरोध-प्रदर्शन बेहद असामान्य घटना है.

रणनीति कैसे लागू करें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर टीम यूपी ने इंदौर के स्वच्छता मॉडल का किया अवलोकन

-इंदौर के ट्रेंचिंग ग्राउंड स्थित एशिया के सबसे बड़े बायो सीएनजी प्लांट का किया रणनीति कैसे लागू करें दौरा

-इंदौर के मॉडल को उत्तर प्रदेश के नगरीय निकायों पर रणनीति कैसे लागू करें लागू करने के लिए बनेगी रणनीति

लखनऊ, 23 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रदेश के प्रत्येक शहर, गांव और कस्बे को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में जुटी है। इस कड़ी में प्रदेश के आला अधिकारी दूसरे राज्यों के उन शहरों का गहन निरीक्षण कर रहे हैं, जो स्वच्छता रैंकिंग में लगातार टॉप पर बने हुए हैं। खासकर मध्य प्रदेश का इंदौर शहर, जो स्वच्छता के मामले में लगातार शीर्ष रणनीति कैसे लागू करें पर रहा है।

भारत का रणनीतिक महत्व और नेतृत्व ही बढ़ेगा : कनाडा की हिंद-प्रशांत रणनीति

कनाडा ने अपने नए इंडो-पैसिफिक रणनीति दस्तावेज़ में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की योजनाओं पर प्रकाश डाला है, जिसमें एक नए व्यापार समझौते की दिशा में रणनीति कैसे लागू करें काम करने की प्रतिबद्धता शामिल है, जो इस क्षेत्र में रणनीतिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय क्षेत्रों में नई दिल्ली के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। "कनाडा की भारत-प्रशांत रणनीति" दस्तावेज़ में कहा गया है कि भारत-प्रशांत क्षेत्र अगली आधी शताब्दी में कनाडा के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उसी समय दस्तावेज़ चीन को "एक तेजी से विघटनकारी वैश्विक शक्ति" के रूप में वर्णित करता है और अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानदंडों की अवहेलना के लिए एशियाई देश को फटकार लगाता है।

रविवार को जारी 26 पन्नों के दस्तावेज में कहा गया है, "हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत का बढ़ता सामरिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय महत्व इसे इस रणनीति के तहत कनाडा के अपने उद्देश्यों की खोज में एक महत्वपूर्ण भागीदार बनाता है।"

गुजरात चुनाव में प्रचार से क्यों दूर हैं राहुल गांधी, कांग्रेस की विशेष रणनीति से खत्म होगा 27 साल का सूखा?

नेशनल डेस्कः गुजरात में चुनाव हैं और राहुल गांधी प्रचार से दूर। ये कांग्रेस की रणनीति है या फिर भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के बिजी शेड्यूल की वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा है। दरअसल, गुजरात के पहले चरण में अब कुछ दिन ही शेष बचे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार और मंगलवार दो दिन ही आदिवासी इलाकों में जनसभाएं की और फिर भारत जोड़ो यात्रा के लिए निकल गए। गौरतलब है कि गुजरात में कांग्रेस 27 सालों से सत्ता से बाहर है। इस चुनाव में सरकार बनाने के लिए जोर-शोर से जुटी हुई है।

अशोक गहलोत के कंधों पर जिम्मेदारी
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सबसे भरोसेमंद नेता अशोक गहलोत के कंधों पर चुनाव की जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है। कांग्रेस गुजरात में 27 साल से सत्ता से दूर है। इस बार चुनाव में कांग्रेस एक अलग रणनीति के तहत उतरी है। कांग्रेस के नेता छोटी-छोटी सभाएं कर रहे हैं। लोगों से जनसंपर्क कर रहे हैं। लोगों से लगातार संवाद कर रहे हैं।

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