चरण निर्देश

महंगाई से बचाव

महंगाई से बचाव
डेट फंड
फिक्स्ड डिपॉजिट के बजाय डेट फंड बेहतर विकल्प हैं.
डेट म्यूचुअल फंड का डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश होता है.
बॉन्ड, डिबेंचर्स, सरकारी सिक्योरिटीज आदि डेट इंस्ट्रूमेंट कहलाते हैं.
डिपॉजिट सर्टिफिकेट, कमर्शियल पेपर भी डेट इंस्ट्रूमेंट होते हैं.
अलग-अलग वित्तीय लक्ष्यों के लिए अलग-अलग डेट फंड होते हैं.
फिक्स्ड डिपॉजिट से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता है.
टैक्स के मोर्चे पर भी FD से बेहतर, इंडेक्सेशन बेनेफिट मिलता है.

महंगाई से निपटने के कुछ सटीक उपाय

महंगाई से निपटने के कुछ सटीक उपाय

महंगाई का शोर सुन-सुनकर मेरा माथा दर्द महंगाई से बचाव करने लगा। जिसे देखो, उसी को महंगाई की चिंता। अरे भाई, आपकी इनकम बढ़ रही है, तो इतना शोर क्यों? फिर भी इससे निपटने के कुछ ठोस तरीके आपसे शेयर कर रहा हूं। सुनिए, तनख्वाह बढ़ गई, लेकिन जरूरी नहीं कि परिवार भी बढ़े। परिवार छोटा होगा, तो बड़ा मकान भी नहीं बनवाना होगा। छोटी कार से ही काम चल जाएगा।

सुबह-सुबह थोड़ी-सी चहलकदमी करके दवाइयों की बचत की जा सकती है। रसोई गैस को लेकर न जाने लोग टेंशन में क्यों हैं। हमारे पूर्वज पका हुआ भोजन कम ही करते थे। कच्चे-ताजे फल, सब्जियां खाकर गैस बचा सकते हैं। दूध गरम करने का भी झंझट क्यों पालें! कई लोग खा-खाकर पेट बढ़ा रहे हैं। डॉक्टर कहते-लिखते थक गए कि कम खाओ, स्वस्थ रहो। हम घर में बिजली क्यों जलाते हैं? आप कहोगे रोशनी के लिए। मैं भी यही कहूंगा। यह काम एक टय़ूब लाइट से भी तो चल सकता है। पर नहीं, आप ऐसा करेंगे नहीं। जब तक हर कमरे में चार-पांच फैंसी लाइटें नहीं लगेंगी, ड्रॉइंगरूम में झूमर और उसमें दजर्नों बल्ब नहीं लगेंगे, तब तक काम नहीं चलता। जो लोग अखबारों से लेकर टीवी चैनलों तक पर महंगाई के खिलाफ भाषण देते हैं, वे ही महंगे ब्रांडेड जूते, पैंट पहनते हैं और बीस रुपये में नौ दाना चिप्स खाते हैं।

महंगाई से बचने के 10 उपाय

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महंगाई से बचने का सही 'निवेश' है बड़ा हथियार, बस कमाई ही दिखाएगी दम

इक्विटी को इन्वेस्टमेंट प्लानिंग का हिस्सा बनाएं, क्योंकि इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करना बेहतर होता है.

जरूरी है कि आप ऐसी जगह निवेश करें, जहां आपको महंगाई (Inflation) को मात देने वाला रिटर्न मिले.

आसमान छूती महंगाई (Inflation) के सामने आम आदमी की कमाई अक्सर हार जाती है. कई बार हमारी बचत भी काफी नहीं होती हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप ऐसी जगह निवेश करें, जहां आपको महंगाई (Inflation) को मात देने वाला रिटर्न मिलें. जरूरी है कि महंगाई से बचाव आप ऐसा निवेश करें जो आपको रिटर्न दिलाए महंगाई मार के.

मनी गुरु (Money Guru) में हम आपको बताने वाले हैं उन इंस्ट्रूमेंट्स के बारे में, जहां आपको रियल रिटर्न मिलेगा और बताएंगे कि कैसे आप भविष्य के अपने लक्ष्यों को आज इंफ्लेशन प्रूफ कर सकते हैं.

'बढ़ती महंगाई के जोखिम से बचाव का सहारा बनेगा सोना, बढ़ सकती है सोने की मांग'

Updated: May 17, 2022 8:35 AM IST

Sovereign Gold Bond scheme

Gold: विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) का अनुमान है कि कीमतों में बढ़ोतरी और पिछले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड आयात की वजह से सोने की उपभोक्ता मांग में गिरावट सकती है. डब्ल्यूजीसी के इस अनुमान के बीच एक विदेशी ब्रोकरेज कंपनी की रिपोर्ट में कहा गया है कि बढ़ती मुद्रास्फीति के चलते परिवारों की ‘हेजिंग’ (Hedging) के लिए सोने की मांग बढ़ सकती है. ऐसे में सोने की मांग अधिक रहने की संभावना है.

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हेजिंग से आशय जोखिम से बचाव के लिए किए जाने वाले निवेश से है.

पिछले महीने सरकारी आंकड़ों में दर्शाया गया है कि वित्त वर्ष 2021-22 में सोने का आयात 33.34 प्रतिशत बढ़कर 837 टन या 46.14 अरब डॉलर का हो गया, जो वित्त वर्ष 2020-21 में महामारी के कारण आयात के निचले स्तर से 1.5 गुना अधिक तथा वित्त वर्ष 2016-20 के महामारी-पूर्व के महंगाई से बचाव औसत से 12 प्रतिशत अधिक है. इससे चालू खाते का घाटा बढ़ा है और इसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के तीन प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है.

महामारी से महंगाई से बचाव प्रभावित वित वर्ष 2020-21 में आयात केवल 34.62 अरब डॉलर का था.

वित वर्ष 2012-13 में रिकॉर्ड 54 अरब डॉलर के आयात के बाद सोने की भारत आने वाली खेप कम होती रही है और वित्त वर्ष 2019-20 में यह 28 अरब डॉलर तक गिर गई. लेकिन उसके बाद आयात फिर से बढ़ना शुरू हुआ और वित वर्ष 2020-21 में 25 अरब डॉलर और आगे जाकर वित वर्ष 2021-22 में 46 अरब डॉलर से अधिक का हो गया.

महंगाई से बचाव को मुख्य साधन बचत

महंगाई से बचाव को मुख्य साधन बचत

जिला सहायक बचत अधिकारी मनसा श्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर संचायिका दिवस समारोह का शुभारंभ किया। छात्र-छात्राओं ने 'बचत कैसे करें' शीर्षक पर लघु नाटक प्रस्तुत कर बचत करने के प्रति प्रेरित किया, जिसकी खूब सराहना की गई। छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि सहायक बचत अधिकारी मनसा श्री ने कहा कि बचत ही एक ऐसा माध्यम है, जो बढ़ती महंगाई से मुकाबला कर सकता है। बच्चों को बचपन से ही बचत की महंगाई से बचाव आदत डालनी चाहिए। इसमें अभिभावक भी अपनी भूमिका निभाएं। स्कूलों में संचायिका का प्राविधान बच्चों में बचत की आदत को प्रोत्साहित करता है। एसएन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य इकबाल हसन खां ने कहा कि बचत का उद्देश्य परिवार की आर्थिक सहायता करने के साथ-साथ राष्ट्र विकास में भी मददगार है। बच्चों को आज से ही गोलक बनाकर महंगाई से बचाव महंगाई से बचाव बचत की आदत डालनी चाहिए। सर्वाधिक बचत करने के लिए छात्रा लुत्फी को पुरस्कृत किया गया। प्रधानाचार्य अखलाक हसन खां ने अतिथियों का आभार जताया। इस मौके पर इरफान सागर, डॉ.एमके मलिक, नसीम खां, फुरकान हाशमी, अयाज अहमद खां, वसीमउद्दीन खां, कमाल शम्सी, शारिक अली, सखावत उल्ला खां, मुमताज अहमद, अफसार अहमद, रजिया, मधु सक्सेना आदि मौजूद रहे।

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